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Showing posts from May, 2018

भारत रत्न से सम्मानित व्यक्ति

 भारत रत्न भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है। इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है। इस सम्मान की स्थापना 2 जनवरी 1954 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी। अन्य अलंकरणों के समान इस सम्मान को भी नाम के साथ पदवी के रूप में प्रयुक्त नहीं किया जा सकता। प्रारम्भ में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का प्रावधान नहीं था, यह प्रावधान 1955 में बाद में जोड़ा गया। तत्पश्चात् 13 व्यक्तियों को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया गया। सुभाष चन्द्र बोस को घोषित सम्मान वापस लिए जाने के उपरान्त मरणोपरान्त सम्मान पाने वालों की संख्या 12 मानी जा सकती है। एक वर्ष में अधिकतम तीन व्यक्तियों को ही भारत रत्न दिया जा सकता है। भारत रत्न                       सम्मान की जानकारी प्रकार                          नागरिक श्रेणी              ...

पृथ्वी की गतियाँ

 पृथ्वी की गतियाँ पृथ्वी की दो गतियाँ हैं ---घूर्णन तथा परिक्रमण जो क्रमशः दैनिक गति और वार्षिक गति कहलाती है । घूर्णन गति (दैनिक गति )- पृथ्वी अपने अक्ष पर पश्चिम से पूर्व की ओर लगभग 24 घंटें में एक चक्कर पूरा करती है  पृथ्वी के घूर्णन गति के कारण दिन व रात होते हैं । नक्षत्र दिवस - किसी निश्चित नक्षत्र के उत्तरोत्तर दो बार गुजरने के बीच की अवधि को नक्षत्र दिवस कहते हैं नक्षत्र दिवस  23 घण्टे 56 मिनट की अवधि का होता है ।   सौर दिवस - जब सूरज को स्थिर मानकर पृथ्वी द्वारा उसके परिक्रमण की गणना दिवसों के रूप में की जाती है तब सौर दिवस ज्ञात होता है । इसकी अवधि 24 घंटे की होती है ।  पृथ्वी की घूमने की गति पश्चिम से पूर्व है  विषुवत रेखा पर घूर्णन गति 1667 किलोमीटर /घंटा  होती है जबकि यह ध्रुवों की तरफ घटते-घटते शून्य पर पहुंच जाती है ।  पृथ्वी पर रहने वाले लोग इस घूर्णन गति से अनभिज्ञ रहते है क्योंकि ये एक स्थिर गति है और पृथ्वी के साथ ही वायु मंडल भी घूमता है ।  परिक्रमण गति - पृथ्वी अपने अक्ष पर घूमने के सा...

वायुमंडल एवं उसका संगठन

  वायुमंडल एवं उसका संगठन- पृथ्वी के चारों ओर हवा के विशाल आवरण को वायुमंडल कहते हैं ।  वायुमंडल का करीब 99%भाग केवल नाइट्रोजन 78.8% , ऑक्सीजन 20.95% गैसों से निर्मित है शेष 1% भाग (आर्गन , नीयान , हाइड्रोजन , क्रिप्टोन , जेनोन , हीलियम , ओजोन )है ।  पृथ्वी के साथ वायुमंडल गुरुत्वाकर्षण के कारण टिका रहता है ।  वायुमंडल का विस्तार लगभग 10000 किलोमीटर तक फैला हुआ है ।  नाइट्रोजन - यह वायुमंडल में पाया जाने वाली गैस 78.8 % है ।  वायुमंडल में नाइट्रोजन की उपस्थिति के कारण ही वायुदाब पवनों की शक्ति तथा प्रकाश के परावर्तन का आभास होता है लेग्यूमिनस पौधे वायुमंडल नाइट्रोजनी पोषक तत्वों की पूर्ति करते हैं ।  नाइट्रोजन से पेड़ पौधों में प्रोटीन का निर्माण होता है जो भोजन के मुख्य धटक हैं ।  आक्सीजन - आक्सीज़न जंतुओं तथा मानव के लिये प्राणदायिनी गैस होती है ।  वायुमंडल में आक्सीजन की मात्रा 120 किलोमीटर की ऊंचाई पर नगण्य होती है ।  पेड़ पौधों के द्वारा कार्बन डाई आक्साइड ग्रहण की जाती है तथा आक्सीजन छोड़ी जाती है ।  ...